

फ्लाईदुबई के बहादुर पायलट स्मित मछार को इजरायल का प्रेसिडेंशियल अवार्ड दिया जाएगा. इजरायल के राष्ट्रपति प्रेसिडेंट आइजैक हर्जोग ने कहा, “आज हम जिन इजरायली हीरो को सम्मान दे रहे हैं, उनके साथ हम भारत के कैप्टन स्मित मछार के पूरी तरह और जल्दी ठीक होने की दिल से दुआ करते हैं. कैप्टन मछार की बहादुरी और अच्छे प्रोफेशनलिज्म ने एक बड़ी मुसीबत को टालने में मदद की है. एक बार जब वह ठीक हो जाएंगे, तो इजरायल के लोगों की तरफ से उन्हें सिविलियन हीरोइज्म के लिए इजरायल स्टेट का प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड देना मेरे लिए खुशी की बात होगी.”
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी स्मित मछार की तारीफ की थी. उन्होंने तो कहा था कि भारत के पायलट की वजह से 174 लोगों की जान बचा ली. बता दें, गुजरात सरकार ने भी स्मित मछार के लिए राज्य पुरस्कार देने की घोषणा की है.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैसे हीरो बन गए स्मित?
दरअसल, 30 सितंबर 2026 यानी बीते दिन स्मित मछार फ्लाईदुबई के दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में पायलट थे. करीब 30 हजार फीट की उंचाई पर उनके ओमानी को-पायलट ने उनपर चाकू से हमला कर दिया. इसके बाद अपनी जान पर खेल कर स्मित ने विमान को सुरक्षित रखा.
इजरायली अधिकारियों दावा किया है कि ओमानी पायलट प्लेन को क्रैश कराना चाहता था. इसके साथ ही आतंकवादी घटना को लेकर भी किसी तरह से इनकार नहीं किया गया. जैसे ही स्मित को चाकू लगी फिर कुछ देर बाद विमान लगातार नीचे जाने लगा. इसके बाद प्लेन में मुसाफिरों के बीच बैठे पायलटों की बी-टीम ने विमान को सुरक्षित लैंड कराया.
कौन हैं स्मित मछार?
स्मित एक अनुभवी पायलट हैं जिन्हें करीब 10 हजार घंटे उड़ान का तजुर्बा है. स्मित पहले स्पाइस जेट के पायलट थे. उन्होंने ट्रेनर के तौर भी विमानन कंपनियों के सेवाएं दीं हैं. स्मित की सुझबुझ और समझदारी का लोहा दुनिया मान रही है. सोशल मीडिया पर स्मित मछार के पॉडकास्ट के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. इन वीडियोज में स्मित ये बताते दिख रहे हैं कि पायलट की ड्यूटी क्या होती है और कैसे उसे अपनी सेवाएं देनी चाहिए.
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