

दिल की बीमारी को अक्सर सीने में दर्द, दबाव या भारीपन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते. कई बार शरीर में होने वाले कुछ बदलाव हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत दे सकते हैं, जबकि व्यक्ति उन्हें सामान्य थकान या दूसरी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देता है. खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज से पीड़ित लोगों में हृदय संबंधी समस्या के लक्षण कुछ अलग तरीके से दिखाई दे सकते हैं.
बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार थकान महसूस होना ऐसा ही एक संकेत हो सकता है. अगर रोजमर्रा के सामान्य काम करने में पहले की तुलना में अधिक थकान होने लगे या थोड़ी सी गतिविधि के बाद कमजोरी महसूस हो, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. कुछ मामलों में यह हृदय की कार्यक्षमता में बदलाव से भी जुड़ा हो सकता है. हालांकि, केवल थकान के आधार पर हृदय रोग का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
इसी तरह, सामान्य से अधिक सांस फूलना भी ध्यान देने योग्य है. अगर थोड़ी दूरी चलने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य काम करने पर पहले की तुलना में ज्यादा सांस फूलने लगे, तो इसकी वजह की जांच करानी चाहिए. आराम करते समय सांस फूलना या लेटने पर सांस लेने में परेशानी होना विशेष रूप से नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
चक्कर आना, अचानक कमजोरी या बेहोशी भी कुछ मामलों में हृदय की धड़कन या शरीर में रक्त के प्रवाह से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है. अगर ऐसे लक्षण बार-बार हों या इनके साथ दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. इसी तरह बिना किसी स्पष्ट वजह के दिल का बहुत तेज या अनियमित धड़कना भी जांच की जरूरत पैदा कर सकता है. तनाव, कैफीन और कुछ दवाओं के अलावा इसके पीछे हृदय की धड़कन से जुड़ी समस्या भी हो सकती है.
पैरों और टखनों में लगातार सूजन भी एक ऐसा बदलाव है जिस पर ध्यान देना चाहिए. कुछ मामलों में हृदय की पंपिंग क्षमता प्रभावित होने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकता है, जिससे पैरों में सूजन दिखाई दे सकती है. हालांकि, किडनी, लिवर और नसों से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं, इसलिए सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है.
अचानक ठंडा पसीना आना, मितली, असामान्य बेचैनी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण भी खासकर तब महत्वपूर्ण हो जाते हैं जब इनके साथ सांस फूलना, चक्कर या सीने में असहजता मौजूद हो. कुछ लोगों में, विशेषकर महिलाओं और डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में, हृदय संबंधी गंभीर समस्या हमेशा स्पष्ट सीने के दर्द के रूप में सामने नहीं आती.
इनमें से कोई भी लक्षण अकेले दिल की बीमारी की पुष्टि नहीं करता. लेकिन अगर कोई लक्षण अचानक शुरू हो, लगातार बना रहे, बार-बार हो या एक साथ कई लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सीने में दबाव या भारीपन, गंभीर सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, अचानक अत्यधिक कमजोरी या ठंडे पसीने जैसे लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है.
लेखक के बारे में
डॉ. अमित कुमार सर्वोदय हॉस्पिटल, सेक्टर-8, फरीदाबाद में एसोसिएट डायरेक्टर एवं हेड, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी हैं. उन्हें हृदय रोगों की जांच, उपचार और जटिल कार्डियक प्रक्रियाओं का व्यापक अनुभव है. डॉ. कुमार हृदय रोगों की समय पर पहचान, रोकथाम और बेहतर हार्ट हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हैं.





