खबर

प्राइवेट बसों की कतार और अंधकार, बदरपुर में पुलिस स्टेशन के पास ये डार्क स्पॉट महिलाओं के लिए खतरे का रास्ता | Women Feel Unsafe At Dark Spot Near Badarpur Metro Station In Delhi, Security Concerns Raised


देश की राजधानी दिल्ली में भले ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सरकारें कितने भी बड़े-बड़े दावे करें, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी डराने वाली है. दिल्ली में हाल ही में आई रेप की वारदातों ने पूरे सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा के साथ कालकाजी इलाके में हाल ही में हुई दरिंदगी हो या फिर कुछ दिन पहले स्लीपर बस में लड़की के साथ गैंगरेप.. ऐसी वारदातें थमने का नाम नहीं ले रहीं. इसके बावजूद राजधानी में कई ऐसे इलाके हैं, जहां लोग, खासकर लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं. ऐसा ही एक इलाका बदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास है. यहां ऐसा ‘डार्क स्पॉट’ है, जहां शाम ढलते ही सफर डर का दूसरा नाम बन जाता है.

कुछ इस तरह प्राइवेट बसों की कतारें लगी रहती हैं

कुछ इस तरह प्राइवेट बसों की कतारें लगी रहती हैं
Photo Credit: NDTV

डर और अंधेरे के साये में गुजरती हैं लड़कियां

NDTV ने बदरपुर के इस ‘डार्क स्पॉट’ की पड़ताल की. बदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास ही यह जगह है. जब आप मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 से निकलते हैं और बस स्टैंड की ओर बढ़ते हैं, तो यह डार्क स्पॉट आ जाता है. यह जगह फ्लाईओवर के नीचे हैं. ऊपर जहां तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं वहीं नीचे सबकुछ शांत सा हो जाता है. शाम को 6 बजे के बाद दिन ढलते ही ये जगह डरावनी बन जाती है. अंधेरा लोगों को घेर लेता है. मेट्रो स्टेशन से मुख्य सड़क पार करने तक के स्ट्रेच में स्ट्रीट लाइट्स नदारद हैं या खराब पड़ी हैं. यहां से रोजाना आने-जाने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं का कहना है कि शाम होते ही इस रास्ते से निकलना खतरनाक होता है.

सड़क के दूसरी ओर है पुलिस स्टेशन

सड़क के दूसरी ओर है पुलिस स्टेशन
Photo Credit: NDTV

‘लड़कियों को देखकर हूटिंग करते हैं मनचले’

बदरपुर की रहने वाली 24 साल की रागिनी (बदला हुआ नाम) ने बताया कि इस डार्क स्ट्रेच पर सड़क किनारे अवैध रूप से दर्जनों प्राइवेट बसें कतार में खड़ी रहती हैं. इन भारी-भरकम बसों के कारण मुख्य सड़क से विजिबिलिटी पूरी तरह खत्म हो जाती है. ऊपर फ्लाईओवर है, इस वजह से अंधेरा और भी ज्यादा हो जाता है. उन्होंने कहा कि इन बसों की आड़ में कई मनचले रहते हैं. अंधेरे का फायदा उठाकर यहां खड़े लोग आने-जाने वाली महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं, सीटी बजाते हैं और अश्लील कमेंट करते हैं.

‘मेट्रो स्टेशन से बाहर निकल कर घर जाने में डर लगता है. यहां बहुत अंधेरा रहता है. कुछ नहीं दिखता. कई बार लड़के कमेंट पास करते हैं और हंसते हैं. ऐसा लगता है कि कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है.’

दिन में भी खतरा कम नहीं

यह जगह दिन में भी सूनसान रहती है. दिन के उजाले में भी लड़कियां इन बसों के बीच से निकलने में असहज और असुरक्षित महसूस करती हैं. लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता है यह जगह और खतरनाक हो जाती है. यहां मेट्रो स्टेशन से रोड क्रॉल करने के लिए अंडरपास भी है. लेकिन रात के समय वहां से गुजरना भी खतरनाक होता है. इसलिए आमतौर पर महिलाएं सड़क को इसी रास्ते से पार करती हैं.

शाम होने के बाद सूनसान हो जाता है रास्ता

शाम होने के बाद सूनसान हो जाता है रास्ता
Photo Credit: NDTV

सामने पुलिस स्टेशन

सबसे हैरानी की बात यह है कि सड़क के दूसरी ओर ही बदरपुर पुलिस स्टेशन मौजूद है. इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पुलिस की नियमित तैनाती या गश्त नजर नहीं आती. उनका कहना है कि अंधेरा, बसों का जमघट और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है. रागिनी ने बताया कि उन्हें यहां न तो कोई पीसीआर वैन तैनात दिखती है और न ही दिल्ली पुलिस की कोई फुट पेट्रोलिंग नजर आती है.

यह भी पढ़ें: कालकाजी गैंगरेप केस: आरोपियों ने की सबूत मिटाने की कोशिश, डिलीट की सर्च हिस्ट्री; जांच के लिए भेजा गया फोन





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button