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60 साल पुराना लता मंगेशकर का गाना, 1951, 1966, 1985 में एक ही धुन पर तीन बार बने सॉन्ग, आरडी-रोशन के म्यूजिक ने बनाया कल्ट सॉन्ग | 60 year old lata mangeshkar Songs composed from same melody three times in 1951 1966 1985 Rd burman Roshan music made it cult classic


नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा में कई फिल्में बनती हैं, जो दूसरे भाषा की रीमेक होती हैं. आज हम एक ऐसी ही फिल्म की बात करेंगे जो साल 1963 में आई एक बांग्ला फिल्म थी जिसे असित सेन ने बनाया था. इसके बाद साल 1966 में असित सेन ने इसका हिंदी रीमेक बनाया, जिसका नाम था ‘ममता’ इस फिल्म में  अशोक कुमार, धर्मेंद्र और सुचित्रा सेन ने काम किया. इस फिल्म का एक गाना, जिसने लता मंगेशकर की आवाज, मजरूह सुल्तानपुरी के शब्दों और रोशन की धुन, तीनों को ही अमर कर दिया. लेकिन इस गाने की धुन नई नहीं बल्कि बहुत पुरानी फिल्म की थी. इस धुन से एक नहीं बल्कि 3 गाने बने थे. तो आइए जानते हैं वो धुन और गाना जो आज भी अमर है. 

ममता फिल्म का गाना

फिल्म ममता में एक गाना था ‘रहें न रहें हम महका करेंगे’ ये अपने बोल और संगीत के लिए आज भी यादगार बना हुआ है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मशहूर धुन की जड़ करीब 15 साल पहले रिलीज हुई एक फिल्म में थी? यतींद्र मिश्रा के मुताबिक, रोशन ने खुद माना था कि इस धुन को उन्होंने एस.डी. बर्मन के 1951 के गाने ‘ठंडी हवाएं लहरा के आएं’ से प्रेरित होकर ही तैयार किया था. दिलचस्प बात यह है कि आगे चलकर यही संगीत-सफर आर.डी. बर्मन की ‘सागर’ तक पहुंचा. 

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1963 की बंगाली फिल्म से बनी थी ‘ममता’

1966 में आई फिल्म ‘ममता’  की कहानी की शुरुआत 1963 की बंगाली फिल्म ‘उत्तरा फाल्गुनी’ से हुई थी. दोनों ही फिल्मों को असित सेन ने डायरेक्ट किया था, इस फिल्म में सुचित्रा सेन ने डबल रोल प्ले किया था. बंगाली फिल्म का निर्माण उत्तम कुमार की प्रोडक्शन कंपनी ने किया था और कहानी निहार रंजन गुप्ता की थी. जिसके बाद 27 फरवरी 1966 को इसका हिंदी रीमेक फिल्म ‘ममता’ रिलीज हुई. इस फिल्म में सुचित्रा सेन के साथ धर्मेंद्र और अशोक कुमार नजर आए. फिल्म में सुचित्रा सेन ने फिर डबल रोल प्ले किया. इस फिल्म का संगीत रोशन ने तैयार किया और गाने मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे. फिल्म की कहानी एक ऐसे रिश्ते और समाज की परेशानियों के इर्द-गिर्द घूमते थी, जिसमें प्यार, गरीबी और परिवार के लिए त्याग दिखाया गया है. 

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लता मंगेशकर पर लिखी ‘लता सुरगाथा’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाले मशहूर लेखक और गीतकार यतींद्र मिश्र ने इस गाने से जुड़ा किस्सा बताया कि, “रहे न रहे हम  गाना जब दादा बरबन एस जीवन ने सुना तो उन्होंने रोशन साहब ऐसी उनकी बहुत तारीफ की. दोनों बहुत दोस्त थे की रोशन तूने बहुत सुन्दर धुन बनायी है. रोशन साहब अपने स्वभाव के चलते अपने तारीफ को लेके थोड़ा सा झिझकते थे. उन्होंने डरते डरते कहा दादा ये तो आपकी ही पुरानी धुन को मैंने प्रेरित हो कर के ले लिया और उसे इम्प्रोवाइज कर दिया.”

‘ठंडी हवाएं’ से ‘रहें न रहें हम’ तक पहुंची धुन

यतींद्र मिश्रा के बताए किस्से के मुताबिक, एस.डी. बर्मन ने जब ममता फिल्म का गाना ‘रहें न रहें हम’ सुना तो उन्होंने रोशन की धुन की खूब तारीफ की. दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी. इस बात पर रोशन ने काफी हिचकते हुए बताया कि ये पूरी तरह से उनका संगीत नहीं था, बल्कि उन्होंने बर्मन दादा के ही पुराने गाने से प्रेरित होकर इस धुन को बनाया था.

उन्होंने बताया का साल 1951 की फिल्म ‘नौजवान’ के गीत ‘ठंडी हवाएं लहरा के आएं’ गाना जिसका संगीत एस.डी. बर्मन ने ही दिया था और बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे और गाने को लता मंगेशकर ने गाया था. रहे न रहे हम गाने की धुन को इस गाने की धुन से बनाया गया था. रोशन ने खुद बर्मन साहब को बताया कि उन्होंने उस धुन को अपने हिसाब से इम्प्रोवाइज कर दिया और अपने ढ़ंग से बना दिया. यानी रोशन ने पुरानी धुन को सिर्फ दोहराया नहीं, बल्कि अपने ढ़ंग से एक नया ही रूप दे दिया. 

आर.डी. बर्मन ने इसी विरासत को ‘सागर’ तक पहुंचाया

इसके बाद बर्मन साबह ने भी अपनी पुरानी धुन को साल 1985 में आई फिल्म ‘सागर’ में गीत ‘सागर किनारे दिल ये पुकारे’ के लिए तैयार किया. इस गाने में भी ‘ठंडी हवाएं लहरा के आएं’ के धुन की झलक सुनाई देती है. इस तरह एक धुन तीन अलग दौरों में सुनाई देती है.

1951 में ‘ठंडी हवाएं लहरा के आएं’
1966 में ‘रहें न रहें हम’
1985 में ‘सागर किनारे दिल ये पुकारे’ जिसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे, आर.डी. बर्मन का संगीत, किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने अपनी जादुई आवाज दी है. इस गाने को ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया पर फिल्माया गया था.

‘ममता’ फिल्म के गीतों में रोशन की धुन, मजरूह के शब्द और लता की आवाज का मेल इतना असरदार रहा कि ‘रहें न रहें हम’ आज भी पुराने बॉलीवुड गीतों को पसंद करने वाले लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल रहता है. 

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