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कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का एजेंडा और ज्ञानेश कुमार को घेरने की रणनीति की इनसाइड स्टोरी | congress working committee tomorrow meeting agenda inside story of the strategy to corner gyanesh kumar



देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और बाकी दो आयुक्त के बीच संवादहीनता की खबरों के बीच कांग्रेस ने मंगलवार को अपने कार्यसमिति की बैठक बुलाई है. इसके पहले 19 अगस्त को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक नीट परीक्षा पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर बुलाई गई थी. मंगलवार यानी 29 सितंबर को होने वाली ये बैठक उस वक्त हो रही है, जब देश में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त का मुद्दा गरमाया हुआ है.

मंगलवार की बैठक में क्या होगा

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करके एक पुख्ता रणनीति बनाई जाएगी, जिसे कांग्रेस पार्टी बुधवार यानी 30 सितंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में एजेंडे के तौर पर रखेगी. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करने जा रही है, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की जाएगी. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उसे रद्द करने की मांग करने वाली है. तीसरा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा, जो कांग्रेस उठाने जा रही है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए 2023 में जो कानून में संशोधन किया गया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त को अभयदान दिया गया है, उसे अवैध करार करने की मांग भी शामिल है.

बुधवार को फिर क्या होगा

इस बैठक में बुधवार को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक की रूपरेखा भी तय की जाएगी. इस बैठक की पहल सीपीएम महासचिव एम ए बेबी की पहल पर हो रही है. उन्होंने इसके लिए इंडिया गठबंधन के घटक दलों के अलावा बीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस के अलावा बीजू जनता दल और यहां तक कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसी पार्टियों को भी खत लिखा है. सीपीएम महासचिव एम ए बेबी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “बहुत विकट स्थिति है. बीजेपी-एनडीए को छोड़ बाक़ी सभी दलों को साथ आना चाहिए. इस संघर्ष में हम सबको एकजुट करना चाहते हैं. सीईसी ज्ञानेश कुमार बीजेपी-आरएसएस के कर्मचारी की तरह काम कर रहे हैं. इन्हें इस्तीफा देना होगा. SIR पर रोक लगाएं और काटे गए वोट जोड़ें जाएं. यही नहीं सबसे महत्वपूर्ण है कि आपसी सहमति से इंडिया गठबंधन का विस्तार करना होगा.”

सीपीएम महासचिव एक्टिव

सीपीएम महासचिव के चिट्ठी लिखने पर ममता बनर्जी ने उनसे फोन पर बातचीत की. जब एनडीटीवी ने एम ए बेबी से पूछा कि क्या बंगाल में कांग्रेस, वामदलों और ममता बनर्जी का गठबंधन संभव है तो उन्होंने कहा कि “अभी सीईसी का मुद्दा है. बंगाल में बीजेपी से कैसे लड़ा जाए.. भविष्य के बारे में बैठकर विचार करना होगा. सबको मिल कर काम करना होगा.“ वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने एनडीटीवी से कहा है कि “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जो धांधली की है, उसका वो जवाब नहीं दे रहे हैं. कांग्रेस की मांग सही है SIR गलत है, हम पुरजोर इसका विरोध करते है. हम कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में अपनी रणनीति बनाएंगे.”

डीएमके पर ये न्यूज

एनडीटीवी को यह भी जानकारी मिली है कि बुधवार को इंडिया गठबंधन की बैठक में डीएमके को बुलाने के लिए प्रयास जारी हैं. मगर एनडीटीवी को जानकारी मिली है कि डीएमके ने बैठक में आने से इनकार कर दिया है. हालांकि, वो भी इस मुद्दे का समर्थन करती है. जाहिर है तमिलनाडु में फिलहाल जो राजनीतिक हालात हैं, उसमें डीएमके अभी कांग्रेस के साथ आने से बचना चाहती है. कांग्रेस की रणनीति है कि इंडिया गठबंधन के बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने, SIR को रद्द करने और देशव्यापी आंदोलन चलाने के लिए साझा रणनीति बने और उसे लागू किया जाए और साथ ही गैर बीजेपी एनडीए दलों को कैसे इंडिया गठबंधन में लाया जाए, इस पर सहमति बन सके.

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