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प्रशांत किशोर का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बोले- ‘सिर्फ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से कुछ नहीं होगा’ | Prashant Kishor Backs Demands for CEC Gyanesh Kumar Resignation Questions Former CEC Rajiv Kumar Post Retirement Corporate Role



नई दिल्‍ली:

जन सुराज पार्टी के संस्‍थापक प्रशांत किशोर ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है. भारतीय राजनीति के चाणक्‍य कहे जाने वाले प्रशांत किशोर ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को लेकर भी सवाल उठाए हैं. प्रशांत किशोर का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता महत्वपूर्ण है. इसके लिए एक व्यक्ति को बलदने से फर्क नहीं पड़ेगा. हमें पूरी व्‍यवस्‍था में बदलाव लाना होगा. टीएन शेषन के समय शुरू किए सुधारों की आज फिर से जरूरत है. 

क्‍यों लगा चुनाव आयोग की साख पर बट्टा?

चुनाव आयोग में अंदरूनी मतभेद की खबर की तरफ इशारा करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग की साख एक रिपोर्ट भर से प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि बीते कुछ सालों के आयोग के कामों और काम करने के तरीकों से उसकी साख पर बट्टा लगा है. वर्तमान सीईसी ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठ रहे हैं. चर्चा इस बात पर भी होनी चाहिए कि पूर्व सीईसी राजीव कुमार (2022-2025) रिटायरमेंट के फौरन बाद देश में सबसे बड़े निजी बैंक के चेयरमैन कैसे बन गए? 

कैसे चुनाव आयोग में आएगी पारदर्शिता?

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट का मामला हो या, आचार संहिता के उल्लंघन का हो या चुनावों के कार्यक्रम का एलान का, सब पर बीजेपी की छाप नजर आती है. बीजेपी वहीं हारती है, जहां उसके खिलाफ आंधी होती है. नजदीकी मुकाबलों में उसे चुनाव आयोग की मदद मिल जाती है.  प्रशांत किशोर ने सलाह दी…

  • चुनाव आयोग को तकनीक का सहारा लेकर पारदर्शिता लानी चाहिए. 
  • मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट जारी करनी चाहिए. 
  • साथ ही मतगणना के दिन फॉर्म 17 को तुरंत वेबसाइट पर अपलोड करना चाहिए. 
  • चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका होनी चाहिए. पीके ने कहा कि ऐसा होने से लोगों का भरोसा बढ़ेगा. 

वहीं, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के मुद्दे पर बुधवार को दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक के बारे में पूछे जाने पर प्रशांत किशोर ने कहा कि इसको लेकर उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है. क्‍योंकि उनकी भूमिका बिहार तक सीमित है. देश की बड़ी समस्याओं के लिए बड़े दल हैं. 

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जन सुराज की दिल्‍ली कूच की योजना…?

हाल में बिहार की बांकीपुर सीट से विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर अब दिल्ली में भी पार्टी का विस्तार करने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने दिल्ली में पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की. दिल्ली में पार्टी की इकाई के गठन अगले साल के अंत में होने वाले दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ने के सवाल पर पीके ने कहा कि बिहार के बाहर किसी और राज्य में जन सुराज की इकाई तभी बनेगी जब उस राज्य की समस्याओं को लेकर कोई ठोस ब्लू प्रिंट तैयार हो. दिल्ली में नगर निगम चुनाव में उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कम से कम छह महीने में सभी पहलुओं पर विचार के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा. प्रशांत किशोर ने कहा कि फिलहाल दिल्ली में जन सुराज से जुड़े लोगों का मंच एनआरबी (नॉन रेजिडेंट बिहारी) है. 

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