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कैंसर पीड़ित पति के लिए बेटे का बोन मैरो नहीं हुआ मैच, फिर सामने आई दुष्कर्म की वो कहानी, जिसे पत्नी ने सीने में दबाए रखा | morbi bone marrow test reveals rape case bjp leader husband absconding



गुजरात के मोरबी से सामने आया एक मामला किसी फिल्मी कहानी की तरह आपको हैरान कर सकता है. यहां एक लाचार पत्नी अपने कैंसर पीड़ित पति की जिंदगी बचाने की कोशिश में जुटी थी, लेकिन इस बीच एक ऐसी मेडिकल रिपोर्ट सामने आई जिसने न केवल उस महिला के सालों पुराने दर्द को सबके सामने लाकर रख दिया, बल्कि एक रसूखदार चेहरे के घिनौने सच को भी बेनकाब कर दिया. दरअसल पीड़ित महिला के पति को बचाने के लिए जब उसके बेटे का बोन मैरो टेस्ट कराया गया तो दोनों का मिलान नहीं हुआ, जिसके बाद एक काला सच सामने आया. जिसने मोरबी के ही बीजेपी पार्षद के पति की करतूत को बेनकाब कर दिया. क्या है पूरी कहानी पढ़िए इस रिपोर्ट में. 

 इलाज की मजबूरी और कर्ज का जाल

यह दर्दनाक कहानी करीब छह साल पहले यानी साल 2020 में शुरू हुई थी. महिला के पति को बोन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का पता चला था. डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू करने को कहा, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे इलाज का भारी-भरकम खर्च उठा सकें. लाचारी और तंगी के इस दौर में महिला की मुलाकात महिलाओं के कपड़ों का कारोबार करने वाले शैलेश लक्ष्मण मकवाना नाम के एक शख्स से हुई. पति की जान बचाने के लिए महिला ने शैलेश से एक लाख रुपये उधार लिए थे. 

मजबूरी का उठाया फायदा, सालों तक किया ब्लैकमेल

आरोप है कि महिला जब समय पर यह बड़ी रकम वापस नहीं लौटा पाई, तो आरोपी शैलेश मकवाना ने उसकी लाचारी और मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया. उसने पैसों की वसूली के बहाने महिला को डराया-धमकाया और उसे ब्लैकमेल करते हुए उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया. लोकलाज और पति की नाजुक हालत के डर से महिला सालों तक इस खौफनाक दर्द को अपने सीने में दबाए रही और चुपचाप सब सहती रही. 

एक मेडिकल रिपोर्ट और सच का धमाका

दूसरी तरफ महिला के कैंसर पीड़ित पति की हालत धीरे-धीरे  खराब होती जा रही थी. हाल ही में डॉक्टरों ने कहा कि अब पति को बचाने का सिर्फ एक ही रास्ता बचा है और वह है ‘बोन मैरो ट्रांसप्लांट’ (Bone Marrow Transplant) का. इसके लिए घर के इकलौते बेटे का स्टेम सेल (Stem Cell) सैंपल लिया गया ताकि यह देखा जा सके कि वह पिता से मैच होता है या नहीं. लेकिन जब टेस्ट की रिपोर्ट आई तो डॉक्टर और परिवार वाले दंग रह गए. बेटे की स्टेम कोशिकाएं पिता से बिल्कुल भी मेल नहीं खा रही थीं. जब इस रिपोर्ट को लेकर परिवार में असमंजस और विवाद बढ़ने लगा, तो महिला के सब्र का बांध टूट गया. उसने अपने पति और परिवार के सामने रोते हुए आरोपी शैलेश की उस दरिंदगी का पूरा राज खोल दिया, जिसने उसे सालों तक मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया था. 

आरोपी बीजेपी पार्षद का पति, रसूख के दम पर हुआ फरार

सच सामने आने के बाद महिला ने हिम्मत दिखाई और मोरबी के ए-डिवीजन पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बीते 9 सितंबर को इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. आरोपी शैलेश मकवाना मोरबी नगर निगम के वार्ड नंबर 8 की बीजेपी पार्षद का पति है. रसूखदार होने के कारण और पुलिस केस की भनक लगते ही वह तुरंत शहर छोड़कर फरार हो गया. पुलिस उपाधीक्षक (DySP) जे. एम. आल ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें कई ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

अब डीएनए टेस्ट के सहारे कानूनी शिकंजा

पुलिस इस मामले को अदालत में पुख्ता साबित करने के लिए वैज्ञानिक सबूतों पर सबसे ज्यादा जोर दे रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे बहुत जल्द कोर्ट से अनुमति लेकर आरोपी शैलेश मकवाना और बच्चे का डीएनए (DNA) टेस्ट कराएंगे. वैज्ञानिक जांच और डीएनए रिपोर्ट के जरिए पुलिस इस मामले में कानूनी शिकंजा पूरी तरह से कसने की तैयारी में है ताकि फरार आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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