

Trending: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक NRI ने अमेरिका में 23 साल बिताने के बाद सब कुछ छोड़कर मुंबई लौटने की अपनी कहानी शेयर की है, जो वायरल हो गई है. 15 साल की उम्र में अमेरिका गए इस शख्स ने वहां अपनी बायोमेडिकल कंपनी खड़ी की थी, अमेरिकन सिटीजनशिप ली थी और पेंसिल्वेनिया में अपना घर भी बनाया था. लेकिन इस सबके बावजूद जब पिता के निधन के खबर मिली तो अकेली मां का ध्यान रखने के लिए वो सब कुछ छोड़कर भारत लौट आया.
कैसे हुई पिता की मौत?
रेडिट पोस्ट में उन्होंने बताया कि वह 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद L2 वीजा पर अमेरिका गए थे. न्यू यॉर्क से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में बैचलर्स और मास्टर्स करने के बाद उन्हें फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में जॉब मिल गई. कंपनी ने उनका H1B वीजा स्पॉन्सर किया और बाद में उन्होंने EB1 कैटेगरी से खुद ग्रीन कार्ड हासिल किया. 5 साल बाद नागरिकता मिलने पर उन्होंने अपनी कंपनी शुरू की जो काफी सफल रही. पेंसिल्वेनिया में उनका अपना घर था, लेकिन जब वह करियर में पूरी तरह सेट थे, तब भारत में उनके पिता को कैंसर हुआ और 70 की उम्र में उनका निधन हो गया.
‘मुंबई में रहना ज्यादा सुरक्षित लगा’
पिता के जाने के बाद भारत में उनकी मां अकेली रह गईं, जो अपने 12 साल के डॉग और 90 साल की नानी की देखभाल कर रही थीं. साल 2020 में कोरोना महामारी से ठीक पहले वह भारत आए और पूरा कोविड काल उन्होंने मुंबई में बिताया. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अमेरिका कितना भी एडवांस क्यों न हो, कोविड के दौरान वहां प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा मौतें हुईं और उन्हें अमेरिका के मुकाबले मुंबई में रहना ज्यादा सुरक्षित लगा.
पहले कंपनी बेची, फिर घर
पोस्ट में उन्होंने बुश और ओबामा से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के दौर और वहां की बदलती राजनीति का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि ट्रंप और उनके समर्थकों के माहौल ने भी वहां रहना मुश्किल बना दिया था. इसके बाद उन्होंने 2022 में अमेरिका जाकर अपनी फार्मा कंपनी बेची और 2023 में पेंसिल्वेनिया का घर बेचकर 23 साल बाद हमेशा के लिए मुंबई आ गए.
यहां पढ़ें पूरी पोस्ट:-
I returned to India after 23 yrs.
by u/metauniverse in returnToIndia
35 की उम्र में रिटायरमेंट
NRI ने कहा, ‘कुछ मामलों में मैं किस्मत वाला रहा. एक तो EB1 मंजूर हो गया और दूसरा स्टार्टअप में कामयाबी मिली, जिससे 35 साल की उम्र में रिटायर होने की स्थिति में आ गया. मैंने 20 साल पहले 80 हजार से शुरुआत की थी. इंटर्नशिप के दौरान 35 हजार मिलते थे. अब NYC में $200k भी बहुत कम लगते हैं. पैसे कभी भी काफी नहीं होते. आपको ऐसी जगह ढूंढनी होगी जहां आप खुश हों, चाहे वह यूएस हो या भारत.’
इंडिया में अब क्या करते हैं NRI?
भारत लौटने के बाद कुछ साल कंसल्टिंग का काम करने के बाद अब वह भारत और अमेरिका दोनों शेयर बाजारों में ट्रेडिंग करते हैं. वीकेंड पर वह अपने राइडर्स क्लब के साथ मोटरसाइकिल लेकर पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं. उन्होंने लिखा कि कभी-कभी उन्हें अमेरिका के दोस्तों और लाइफस्टाइल की याद जरूर आती है, लेकिन मां के साथ शाम की चाय पीना, उनके बचपन के किस्से सुनना और घर का खाना खाना उन्हें सबसे ज्यादा सुकून देता है. उनका कहना है कि परिवार के बिना शर्त प्यार के आगे सब फीका है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने दीं अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
रेडिट यूजर्स इस कहानी को अलग-अलग चश्में से देख रहे हैं और अपनी-अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा, ‘अगर आपके पास बैकअप के तौर पर यूएस की नागरिकता है, तो भारत वापस जाना आसान है. इस फैसले के लिए बस एक तरफ का फ़्लाइट टिकट चाहिए होगा.’
दूसरे यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, ‘अगर आप दोनों देशों में समय बिताते हैं, तो दोनों की अच्छी चीजों का फायदा उठाना ही सही तरीका है. भारत और अमेरिका, दोनों जगह जो अच्छा है, उसका मजा लें. किसी एक तरफ ही रहने की जरूरत नहीं है. दोनों तरफ बने रहना और हालात के हिसाब से ढलना ही असल लग्ज़री है. इसके अलावा, समय के साथ अपना मन बदलने की भी आजादी है.’
यह भी पढ़ें:- H-1B वीजा पर अमेरिका के 10 बड़े शहरों में आराम से रहने के लिए कितनी सैलरी चाहिए? NRI ने किया खुलासा
यह भी पढ़ें:- भारतीय रेलवे के 1AC कोच में सफर करके पछताया शख्स, बोला- ‘इससे अच्छी तो वंदे भारत है’





