
Parivartini Ekadashi 2026: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी परिवर्तिनी एकादशी की तिथि आज 21 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार भले ही परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर मंगलवार को रखा जाएगा लेकिन एकादशी तिथि आज रात से शुरू हो रही है ऐसे में अन्न कब से छोड़ना चाहिए ?
अन्न कब छोड़ना होगा
शास्त्रीय व्रत-विधान में एकादशी व्रत केवल एक दिन का नियम नहीं माना गया है, बल्कि दशमी, एकादशी और द्वादशी इन तीन तिथियों से जुड़े नियम बताए गए हैं. नारद पुराण के एकाद शीव्रत प्रकरण में दशमी के दिन एक समय भोजन करने और रात में भोजन न करने का विधान बताया गया है. इस नियम के अनुसार दो लोग व्रत करते हैं उनके लिए आज दशमी तिथि में दिन का भोजन करने के बाद रात्रि भोजन का त्याग करना उचित होगा.
गृहस्थ परंपरा में एकादशी का मुख्य उपवास 22 सितंबर को सूर्योदय से माना जाता है इसलिए जो लोग सामान्य एकादशी व्रत रखते हैं, वे आज दशमी के दिन सात्त्विक भोजन लेकर अगले दिन एकादशी व्रत के दिन सूर्योदय से अन्न त्याग कर सकते हैं.
दशमी के दिन क्या सावधानी रखें?
नारद पुराण में एकादशी व्रत के नियम अनुसार तिथि की शुरुआत होने के बाद इनमें मसूर आदि दालें, दूसरे के घर भोजन, और रात्रि भोजन से बचने की बात कही गई है. इसलिए अगर आप शास्त्रीय नियमों के अनुसार व्रत करना चाहते हैं तो 21 सितंबर को दिन में ही सात्त्विक और हल्का भोजन कर लेना बेहतर माना जाता है.
एकादशी के दिन क्या खाएं?
एकादशी व्रत को लेकर जलाहार, फलाहार, क्षीरभोजी और नक्तभोजी जैसी अलग-अलग व्रत पद्धतियां बताई गई है. आप अपनी क्षमता अनुसार ये व्रत कर सकते हैं. साबूदाना, सिंघाड़ा, शकरकंद, आलू और मूंगफली जैसी चीजें एकादशी व्रत में खा सकते हैं.
ग्रंथों में एकादशी व्रत का क्या नियम है?
एकादशी व्रत में सिर्फ अन्न का त्याग ही नहीं बल्कि झूठ, छल-कपट, क्रोध और कठोर वाणी से बचने की सलाह भी दी जाती है. व्रत के दौरान संयम रखें, इंद्रियों पर काबू रखना भी जरुरी है.
परिवर्तिनी एकादशी व्रत पारण 23 सितंबर को
परिवर्तिनी एकादशी व्रत का पारण 23 सितंबर को द्वादशी तिथि में किया जाएगा. पारण का समय सुबह 6.10 बजे से 8:34 बजे तक दिया गया है. अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के कारण पारण का समय बदल सकता है.
FAQ
- एकादशी की तिथि रात में शुरू हो तो क्या उसी समय से व्रत शुरू होता है?
नहीं, उदयातिथि के अनुसार 22 सितंबर को एकादशी व्रत रखा जाएगा. - 21 सितंबर की रात भोजन करना चाहिए या नहीं?
शास्त्रीय तीन-दिवसीय व्रत-विधान मानने वाले दशमी को एक समय भोजन कर रात का भोजन छोड़ते हैं. - क्या एकादशी में अन्न छोड़कर फलाहार करना व्रत माना जाता है?
हां, फलाहार एकादशी व्रत की प्रचलित पद्धतियों में शामिल है. क्षमता के अनुसार व्रत किया जा सकता है. - एकादशी व्रत में किन चीजों का त्याग करना जरूरी है?
अनाज के साथ सात्त्विक आचरण रखना भी जरूरी माना जाता है. क्रोध, झूठ, छल-कपट और कठोर वाणी से बचना चाहिए.
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