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1000 किलो सफेद धातु, 86 कीमती चीजें, 105 बार चंदा चोरी… राम मंदिर चढ़ावा केस में SIT जांच में क्या-क्या? | Ayodhya Ram Temple Donation Case SIT Completes Probe Chargesheet Likely by September 25 After CCTV Review



अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित SIT ने अपनी जांच पूरी कर ली है. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि मामले में 25 सितंबर 2026 तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. SIT की 16 सितंबर 2026 की स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर के काउंटिंग रूम की CCTV फुटेज की जांच में नकदी की कथित अनधिकृत निकासी या छिपाने के 105 मामले सामने आए हैं. रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि काउंटिंग प्रक्रिया में शामिल कुछ अन्य लोगों की मदद से इन घटनाओं को अंजाम दिया गया.

जांच एजेंसी ने इस मामले में 8 लोगों को आरोपी बनाया है. SIT ने जांच के दौरान बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, बरामदगी और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की है. अब तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं.

803 कीमती चीजों के रिकॉर्ड में नहीं मिली गड़बड़ी

जांच के दौरान मंदिर में चढ़ाई गई 803 मूल्यवान वस्तुओं की रसीदों और रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया. SIT को इनमें कोई विसंगति नहीं मिली. हालांकि 86 ऐसी कीमती चीजें भी मिलीं, जिनकी रसीद जारी नहीं की गई थी. इनका अलग से वैरिफिकेशन भी नहीं किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 944.411 किलो सफेद धातु, जिसे चांदी बताया गया है, को गलाने के लिए सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) को भेजा गया था. जांच टीम ने इससे जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की.

चांदी की ईंटों और अन्य दान की भी हुई जांच

मीडिया और सोशल मीडिया में सामने आए 200 किलो और 38.288 किलो चांदी की ईंटों, चांदी की माला, चरण पादुका और रामचरितमानस से जुड़े दान के आरोपों की भी SIT ने जांच की. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन मामलों में किसी तरह की गड़बड़ी या रिकॉर्ड संबंधी विसंगति नहीं पाई गई.

SIT का कहना है कि जांच पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर तय की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी चार्जशीट की कॉपी

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पहली गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे होने से पहले, यानी 25 सितंबर 2026 तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह चार्जशीट दाखिल होने के बाद उसकी कॉपी देखना चाहता है. मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को तय की गई है.

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