

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाई स्पीड और एक्सेस-कंट्रोल्ड NH की योजना और डिजाइन तैयार करने को लेकर निर्देश दिए हैं. NHAI ने सोमवार (21 सितंबर) को कहा कि वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तेज गति वाले राष्ट्रीय राजमार्गों में लेन की संख्या और स्ट्रक्चर का स्टैंडर्डाइजेशन ट्रैफिक के विस्तृत आकलन के आधार पर किया जाएगा. यह नियम Express Way के अलावा तेज रफ्तार नेशनल हाईवे पर भी लागू होंगे.
NHAI ने गाइडलाइन को लेकर कहा कि इन दिशानिर्देशों का मकसद है कि ऐसे राजमार्ग गलियारों की DPR बनाने के मानकों में एकरूपता लाना, तकनीकी मानकों में समानता बढ़ाना, सड़क सुरक्षा मजबूत करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की परिचालन दक्षता में सुधार करना है.
किन सड़कों पर लागू होंगे नए गाइडलाइन
NHAI का नया दिशानिर्देश 4 और 6 लेन वाले सभी ग्रीनफील्ड यानी नई जगह पर बनाया जाने वाला हाइवे और ब्राउनफील्ड यानी पुराने हाईवे को अपग्रेड करके तैयार किया जाने वाला हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे पर लागू होगी.
NHAI ने कहा कि एक्सप्रेसवे को छोड़कर नियंत्रित प्रवेश वाले तेज गति के राष्ट्रीय राजमार्गों की योजना और डिजाइन के लिए फिलहाल अलग मानक और विशिष्ट निर्देश नहीं हैं. ऐसे राजमार्ग गलियारों की DPR तैयार करने में अलग-अलग मानक अपनाए जा रहे थे. नए दिशानिर्देश तकनीकी और सुरक्षा प्रावधानों का एक समान ढांचा उपलब्ध कराएंगे.
क्या-क्या होगा नियम
NHAI ने कहा कि दिशानिर्देशों के तहत यातायात के आधार पर राजमार्गों की लेन संरचना और चौड़ाई तय की जाएगी. 15,000 वाहन तक की आवाजाही वाले गलियारों में 4 लेन के राजमार्ग और चार लेन के ढांचों के लिए 60 मीटर चौड़ाई होगी. प्राधिकरण ने कहा कि 15,000 से 25,000 वाहन तक के यातायात वाले गलियारों में चार लेन के राजमार्ग और छह लेन के ढांचों के लिए चौड़ाई 70 मीटर होगी. वहीं, 25,000 से 40,000 वाहन के यातायात वाले गलियारों में छह लेन के राजमार्ग और छह लेन के ढांचों के लिए चौड़ाई 70 मीटर होगी.
NHAI ने कहा कि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और अधिक यातायात वाले महत्वपूर्ण मार्गों के चौराहों पर रैंप वाले इंटरचेंज बनाए जाएंगे. बंदरगाह, हवाईअड्डे, बहु-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे अधिक यातायात वाले स्थानों से जुड़ने वाली सड़कों पर भी ऐसी सुविधा दी जाएगी.
राजमार्गों पर वाहन के प्रवेश और निकासी को नियंत्रित करने तथा अतिक्रमण रोकने के लिए दिशानिर्देशों में गलियारे के बाहरी किनारे पर एक मीटर ऊंची दीवार बनाने का प्रावधान किया गया है.
NHAI ने कहा कि राजमार्गों के किनारे इस दीवार के बनने से अनधिकृत प्रवेश और आवारा पशुओं के तेज गति वाले गलियारों में आने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
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