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NPS Swasthya: पेंशन के साथ मिलेगा ₹30 लाख का हेल्थ कवर!₹1,000 से खुलेगा खाता, 25% पैसे निकालने की भी छूट | NPS Swasthya Scheme Get Rs 30 Lakh Health insurance Cover with Pension Investment Check PFRDA Guidelines



पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA ने ‘NPS Swasthya’ स्कीम के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. यह योजना रिटायरमेंट सेविंग के साथ-साथ आपकी सेहत का ख्याल रखेगी. इसमें पेंशन अकाउंट के साथ सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस कवर जोड़ना जरूरी कर दिया गया है. PFRDA के ये नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं.

क्या है NPS Swasthya स्कीम?

NPS स्वास्थय के दो अलग-अलग हिस्से होंगे.पहला आपका इन्वेस्टमेंट अकाउंट और दूसरा सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस. नियम के मुताबिक दोनों खाते एक-दूसरे से अलग रहेंगे. कोई भी नागरिक जो NPS में शामिल होने के योग्य है, वह इस नई स्कीम का फायदा उठा सकता है. इस फैमिली फ्लोटर इंश्योरेंस में आपको, आपकी पत्नी/पति और दो बच्चों को कवर मिलेगा.हालांकि माता-पिता को इस स्टैंडर्ड पॉलिसी में शामिल नहीं किया गया है.

कितना करना होगा निवेश?

इस खाते को शुरू करने के लिए तीन चीजें देनी होंगी …पहला साल का इंश्योरेंस प्रीमियम , ₹200 का सालाना मेंटेनेंस चार्ज और NPS स्वास्थय खाते में कम से कम ₹1,000 का निवेश.इसके बाद आप न्यूनतम ₹10 से भी योगदान जारी रख सकते हैं. 

आपकी जमा राशि को केंद्र सरकार की पेंशन स्कीम के तय नियमों के हिसाब से ही इन्वेस्ट किया जाएगा. इसके अलावा, पेंशन फंड सालाना आपके कॉर्पस से 0.08% तक का चार्ज ले सकता है. इस प्लान में 18 से 70 साल के लोग एंट्री ले सकते हैं. इसे 85 साल की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है.

इलाज के लिए मिलेंगे ₹30 लाख तक का कवर

पॉलिसी में डिडक्टिबल के हिसाब से चार ऑप्शन दिए गए हैं…

  • ₹10,000 डिडक्टिबल पर ₹1 लाख का सम इंश्योर्ड
  • ₹50,000 डिडक्टिबल पर ₹5 लाख का सम इंश्योर्ड
  • ₹1 लाख डिडक्टिबल पर ₹10 लाख का सम इंश्योर्ड
  • ₹3 लाख डिडक्टिबल पर ₹30 लाख तक का फैमिली फ्लोटर बीमा

बता दें कि बीमा का क्लेम मिलने से पहले क्लेम राशि का जो शुरुआती हिस्सा जैसे ₹10,000 या ₹50,000 आपको खुद अपनी जेब से या किसी अन्य पॉलिसी से भरना होता है, उसे ही डिडेक्टिबल कहते हैं. इसके बाद का पूरा अस्पताल खर्च इंश्योरेंस कंपनी देती है.

हॉस्पिटल बिल के लिए 25% तक विड्रॉल ऑप्शन

इलाज और अस्पताल के खर्चों के लिए आप अपने कुल जमा योगदान का 25% हिस्सा निकाल सकते हैं. इसके लिए कोई वेटिंग पीरियड नहीं है और न ही निकासी की संख्या पर कोई लिमिट है. सबसे बड़ी राहत यह है कि पैसे सीधे आपके खाते में आने के बजाय अस्पताल या हेल्थकेयर सेंटर को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.

इंश्योरेंस का प्रीमियम न भरने पर क्या होगा?

अगर रिन्युअल के वक्त आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं हुआ, तो पेंशन फंड आपको 90, 60 और 30 दिन पहले अलर्ट भेजेगा. अगर ग्रेस पीरियड खत्म होने तक प्रीमियम नहीं भरा गया, तो इंश्योरेंस बंद हो जाएगा और आपका NPS Swasthya खाता सामान्य ऑल सिटिजन मॉडल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

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