

अगर आप भी Google Pay, PhonePe, Paytm या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) खरीदते हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है. इकोनॉमिक टाइम्स (ET) की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय इस पूरे बाजार को अब RBI और SEBI की निगरानी में लाने की बड़ी तैयारी कर रहा है. लगभग 3 अरब डॉलर यानी करीब ₹25,000 करोड़ के इस डिजिटल गोल्ड मार्केट पर अब तक कोई सरकारी रेगुलेटर नहीं था, लेकिन अब सरकार इस पर सख्त नियम लागू करने जा रही है.
रिपोर्ट का दावा: SCRA कानून के तहत आएगा दायरा
ET रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त मंत्रालय ने बैंकों, रेगुलेटर्स और इस सेक्टर के जानकारों से सलाह मांगी है. सभी की सहमति इस बात पर बनी है कि डिजिटल गोल्ड को सिक्योरिटीज़ कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट (SCRA), 1956 के तहत ‘सिक्योरिटी’ घोषित किया जाए.
आपको याद दिला दें कि SEBI ने 2025 में ही एक सर्कुलर जारी करके निवेशकों को सतर्क किया था. SEBI ने साफ कहा था कि डिजिटल गोल्ड Gold ETF या कमोडिटी डेरिवेटिव्स की तरह उसके दायरे में नहीं आता है और यह पूरी तरह से अन-रेगुलेटेड मार्केट है. इसी खतरे को देखते हुए अब सरकार एक्शन मोड में है.
100% फिजिकल सोना रखना होगा अनिवार्य
प्रस्तावित नए नियमों के लागू होने के बाद डिजिटल गोल्ड बेचने वाली कंपनियों की मनमानी खत्म हो जाएगी.कंपनियों को बेचे गए हर एक डिजिटल गोल्ड यूनिट के बदले वॉल्ट (Vault) में 100% असली सोना रखना होगा. इसके सााथ ही कंपनियों को समय-समय पर अपने पास रखे सोने की स्वतंत्र ऑडिट रिपोर्ट जारी करनी होगी.
इससे बिना नियम के चल रही फर्जी और संदिग्ध कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का खतरा खत्म होगा.
RBI और SEBI के की निगरानी से बढ़ेगा भरोसा
मजेदार बात यह है कि इस बाजार से जुड़ी बड़ी कंपनियां खुद भी सरकारी निगरानी का इंतजार कर रही थीं. MMTC-PAMP जैसी दिग्गज कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (PhonePe, CRED, MobiKwik) ने मिलकर हाल ही में डिजिटल प्रेशियस मेटल्स एश्योरेंस काउंसिल बनाई है. उनका मानना है कि RBI और SEBI के एक साथ आने से आम रिटेल निवेशकों का भरोसा इस बाजार पर और मजबूत होगा.





