धर्म

Ganesh Visarjan 2026: क्या गणेश विसर्जन कल सकत सकते हैं, पंचांग से जानें सही मुहूर्त


Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी पर घर में विधि-विधान से गणपति बप्पा की स्थापना करने के बाद विसर्जन की तैयारी शुरू हो जाती है. कई घरों में गणेश प्रतिमा का विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर होता है लेकिन कुछ लोग अपनी मान्यता अनुसार बप्पा को विदा करते हैं तो क्या कल 19 सितंबर को गणेश विसर्जन किया जा सकता है, क्या है नियम पंचांग से जानें. 

19 सितंबर को कर सकते हैं गणेश विसर्जन

14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और स्थापना हुई थी, इसलिए 19 सितंबर छठा दिन पड़ता है, पंचांग परंपराओं में गणेश विसर्जन के लिए 3रे, 5वें, 7वें दिन और अनंत चतुर्दशी वाले दिन खास होते हैं. ऐसे में 19 सितंबर की बजाय 20 सितंबर को सातवें दिन बप्पा को विदा करना शुभ होगा. 

सातवें दिन गणेश विर्सजन – 20 सितंबर 2026

  • प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – 07:40 से 12:14
  • अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – 13:46 से 15:17
  • सायाह्न मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) – 18:20 से 22:46
  • रात्रि मुहूर्त (लाभ) – 01:43 से 03:12, सितम्बर 21
  • उषाकाल मुहूर्त (शुभ) – 04:40 से 06:09, सितम्बर 21

क्या केवल पुरुष ही कर सकता है गणेश विसर्जन?

गणेश विसर्जन केवल पुरुष ही कर सकते हैं ऐसा कोई शास्त्रीय नियम नहीं है इसलिए यदि परिवार में महिला गणपति की पूजा करती रही है तो वह विसर्जन की उत्तर पूजा में शामिल होकर प्रतिमा को विदाई दे सकती है. इसी तरह बच्चे भी बप्पा की पूजा कर उन्हें विधि विधान से विदाई दे सकते हैं. धार्मिक दृष्टि से मुख्य बात श्रद्धा, स्वच्छता और विधि का पालन है.

विसर्जन से पहले क्या करना चाहिए?

गणपति विसर्जन से पहले उत्तर पूजा और आरती की परंपरा निभाई जाती है. गणपति को नैवेद्य अर्पित करके उनसे परिवार पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है. इसके बाद श्रद्धापूर्वक गणपति को विदाई दी जाती है.

विसर्जन का दिन भी स्थापना के समय किए गए संकल्प के अनुसार होना चाहिए. गणेशोत्सव में अलग-अलग परिवारों में डेढ़ दिन, 3, 5, 7 या 10 दिन बाद विसर्जन की परंपरा मिलती है. 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को है, जिसे गणेश विसर्जन का प्रमुख दिन माना जाता है.

गणेश विसर्जन से पहले उत्तर पूजा क्या है?

उत्तर पूजा गणेश विसर्जन से पहले की जाने वाली पूजा है. इसे गणपति उत्सव की अंतिम पूजा या विदाई पूजा के रूप में समझा जाता है. इसमें भगवान गणेश की दोबारा पूजा, आरती और नैवेद्य अर्पित कर उनसे परिवार की सुख-समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की जाती है. इसके बाद गणपति प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन के लिए ले जाया जाता है.

उत्तर पूजा में क्या किया जाता है?

  • सबसे पहले गणपति की प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर पूजा की जाती है.
  • भगवान गणेश को फूल, अक्षत, दूर्वा, धूप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है.
  • गणेश जी की आरती की जाती है और परिवार की मंगलकामना की जाती है.
  • स्थापना के दौरान किए गए संकल्प की पूर्णता के भाव से भगवान को विदाई दी जाती है.
  • इसके बाद प्रतिमा को श्रद्धापूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाया जाता है.

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