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महाराष्ट्र का यह शहर बना अनशन का अखाड़ा, एक तरफ मनोज जरांगे दूसरी तरफ मंगेश ससाणे, मुंबई तक हलचल | manoj jarange hunger strike 10th day in jalna in maharashtra and mangesh sasane taken into custody



महाराष्ट्र में दो अनशन लगातार जारी है. एक तरफ मनोज जरांगे पाटिल का अनशन 10वें दिन भी जारी है. वहीं दूसरी तरफ जालना के अंतरवली सराटी में अनशन पर बैठे ओबीसी नेता मंगेश ससाणे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. उनके साथ उनके 4 साथियों को भी हिरासत में लिया गया है. बता दें कि एडवोकेट मंगेश ससाने और उनके 4 साथियों ने जालना के अंतरवाली सराटी में सांकेतिक अनशन शुरू किया था, ऐसे में अब ओबीसी प्रदर्शनकारियों को अनुमति नकारे जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है. क्योंकि पुलिस ने इस अनशन को अनुमति देने से इनकार कर दिया था. 

6 सितंबर को शुरू किया था अनशन

6 सितंबर से शुरू हुए इस अनशन को स्थगित करने का पुलिस ने अनुरोध किया था. लेकिन ससाने और उनके साथियों की तरफ से इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न देने के कारण, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है. फिलहाल आंदोलन स्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया है. ओबीसी प्रदर्शनकारी मंगेश ससाने ने दावा किया है कि पुलिस अंतरवाली सराटी में उनके आमरण अनशन के लिए मंच बनाने का विरोध कर रही थी और अनशन को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए कह रही थी. पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ससाने ने पूछा मनोज जरांगे के लिए एक न्याय और हमारे लिए अलग न्याय क्यों? उन्होंने पुलिस पर बल प्रयोग किए जाने की संभावना का भी आरोप लगाया था.

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10वें दिन भी मनोज जरांगे पाटिल का अनशन 

मनोज जरांगे पाटिल का अनशन 10वें दिन भी जारी है. वहीं इस मामले में अब सियासत भी शुरू हो गई है. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर रिपब्लिकन सेना के अध्यक्ष आनंदराज आंबेडकर ने टिप्पणी की है, आनंदराज आंबेडकर ने तीखा प्रहार करते हुए कहा मनोज जरांगे के अनशन के बारे में फिलहाल मुझे कुछ नहीं कहना है. मैं किसी को मुफ्त की सलाह नहीं देता. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अनशन एक प्रभावी हथियार है लेकिन बार-बार इसके इस्तेमाल से इसकी धार कुंद हो जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि जरांगे के अनशन का अब उनके ही समाज से भारी विरोध हो रहा है.

मुंबई तक सियासी हलचल

आंबेडकर ने दावा किया कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भी चाहते थे कि मराठा समुदाय को आरक्षण मिले. उन्होंने कहा उनके पास इसके लिए एक अलग फॉर्मूला है. उन्होंने दावा किया जब हम मराठा समुदाय को साथ लेकर सत्ता में आएंगे, तब मराठा समुदाय को पूर्ण आरक्षण देंगे. सरकार ने मनोज जरांगे पाटिल की मांगों को सुलझाने के लिए कदम बढ़ाया है. लेकिन फिलहाल इस मुद्दे पर जालना से लेकर मुंबई तक सियासत शुरू हो गई है.

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