

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे एक कुआं मिला है. इस मामले में एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की गई थी. अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद यहां पर एक कुआं मिला है. इसके बाद संबंधित एजेंसियां जांच करेंगी और बताएंगी कि कितना बड़ा ये कुआं है. तकनीकी टीमों की जांच के बाद ही सभी चीजें स्पष्ट हो पाएंगी. एसडीएम ने बताया कि ये ईंटों से बना हुआ कुंआ है और उसी से बनी संरचना है. प्रथम दृष्टया ये कुंआ ही नजर आता है. पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है और मस्जिद के बीच मिले कुएं को ढक दिया गया है.
प्रशासन ने मस्जिद को जमींदोज करने के बाद खाली स्थान को पूरी तरह समतल कर दिया है. मस्जिद के मलबे को भी सहारनपुर से 10 किलोमीटर दूर गिराया गया है. कलेक्ट्रेट परिसर से एक-एक ईंट उठाई गई है. मस्जिद के बीच में कुआं मिलने से प्रशासन और अधिक सतर्कता बरत रहा है.
सपा का प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा सहारनपुर
उधर, समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को गिराए जाने के मामले में जांच और तथ्य जुटाने के लिए पहुंचेगा. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचेगा. सपा कार्यालय के ज्ञापन के अनुसार, सहारनपुर कलेक्ट्रेट में स्थित मस्जिद को सिविल कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर से ढहा दिया गया। सपा का दावा है कि 4 सितंबर की शाम जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि मस्जिद को सील किया जाएगा, लेकिन उसे गिराया नहीं जाएगा.
सहारनपुर कमिश्नर से मुलाकात करेगा सपा का प्रतिनिधिमंडल
समाजवादी पार्टी ने कहा कि घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त करने और पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचकर मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात करेगा. दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा.
यूपी में सियासत गर्म, सपा सांसद इकरा हसन को किया गया हाउस अरेस्ट
मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन को लेकर यूपी में सियासत तेज हो गई. मस्जिद पर एक्शन की खबर मिलने के बाद कैराना की सपा सांसद इकरा हसन जब सहारनपुर जाने के लिए निकलीं तो बीच रास्ते में पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें कहा- मैडम आप नहीं जा सकती. इस पर इकरा हसन ने पुलिस से कारण पूछा. सपा सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच आधी रात बीच सड़क पर दो-तीन मिनट तक हल्की बहस होती रहीं. जिसका वीडियो भी सामने आया. बाद में खबर सामने आई कि इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2025 में इस मस्जिद को अवैध बताते हुए बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक विकास त्यागी ने नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को नगर मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध माना और अपने फैसले में इसे हटाने का आदेश दिया. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की और करीब डेढ़ माह की सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश ने नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को बहाल रखते हुए मामले में दखल देने से इनकार कर दिया. सिंह ने कहा कि पूरी कार्यवाही निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है, और साथ ही प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने एवं शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई. मौके पर पांच बटालियन पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. साथ ही संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी बराबर बनी हुई है.
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