खबर

Success Story:  TCS जॉब छोड़ आर्मी में पहले हवलदार फ‍िर अफसर बने, OTA से पाया स्वॉर्ड ऑफ ऑनर | success story soldier son p shashi kumar wins sword of honour ota gaya


Success Story: “कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों…” इस कहावत को सच कर दिखाया है तमिलनाडु के मदुरै जिले के रहने वाले पी शशिकुमार ने. एक साधारण सैनिक के घर जन्मे शशिकुमार ने कॉर्पोरेट जगत के आकर्षक करियर को छोड़कर भारतीय सेना में अफसर बनने तक का स्वर्णिम सफर तय किया है.

पिता की वर्दी से मिली देशसेवा की प्रेरणा

पी शशिकुमार के पिता सी पांडी भारतीय सेना के आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत रहे हैं. बचपन से ही पिता की वर्दी और अनुशासन को देखकर शशिकुमार के मन में देशसेवा का जज्बा जागा. उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनी टीसीएस में नौकरी हासिल की, लेकिन उनका दिल हमेशा सेना की वर्दी के लिए ही धड़कता था. 

success story

सैनिक के बेटे का शानदार सफर: असम राइफल्स के हवलदार से गोरखा राइफल्स में अफसर बने पी शशिकुमार Photo Credit: @PROdefprayagraj

ऑफिसर्स ट्रेन‍िंग अकादमी में पास‍िंग आउट परेड 

PRO डिफेंस प्रयागराज के अनुसार पी शशिकुमार 5 स‍ितंबर 2026 को ब‍िहार के गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेन‍िंग अकादमी से पास आउट हुए हैं. उनकी लगन और नेतृत्व क्षमता के बल पर उनका चयन ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, गया के लिए हुआ. एकेडमी में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर वे उच्चतम कैडेट पद एकेडमी अंडर ऑफिसर तक पहुंचे. 

आईटी क्षेत्र की सुरक्षित नौकरी को अलविदा कहकर शशिकुमार असम राइफल्स में बतौर हवलदार भर्ती हुए. ट्रेनिंग के दौरान अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय देते हुए उन्होंने ओवरऑल बेस्ट रिक्रूट मेडल हासिल किया. इसके बाद उन्होंने मणिपुर के चुनौतीपूर्ण और उग्रवाद रोधी माहौल में ढाई साल तक अपनी सेवाएं दीं.

पासिंग आउट परेड में चमके शशिकुमार

ओटीए गया की पासिंग आउट परेड में परेड कमांडर के रूप में शशिकुमार ने नेतृत्व किया. उनके उत्कृष्ट ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें सेना के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया. इसके साथ ही मेरिट लिस्ट में पहला स्थान हासिल करने के लिए उन्हें  गोल्ड मेडल भी प्रदान किया गया. आज पी शशिकुमार भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गोरखा राइफल्स में बतौर सैन्य अधिकारी कमीशन हो चुके हैं.  

यह भी पढ़ें- Success Story: स्‍कूल हेड गर्ल बनीं आर्मी अफसर, खेलों में जीते मेडल, पहले प्रयास में SSB  क्रैक की 

यह भी पढ़ें-  छोड़ी लाखों की जॉब छोड़ आतंक‍ियों से लड़े, कोबरा कमांडो के आर्मी अफसर बनने की कहानी

यह भी पढ़ें- चाय बेचने वाले से लेकर 100 करोड़ का मालिक तक, ये 17 शात‍िर कैसे बने फर्जी IAS-IPS?

यह भी पढ़ें- वो अग्निवीर जो भारतीय सेना में बना अफसर, T-90 टैंक गनर से OTA तक ऐसे पहुंचे विकास गौतम

यह भी पढ़ें- Success Story: प‍िता की मौत के बाद पाई-पाई को तरसीं, अब तीनों बहनें सरकारी टीचर

यह भी पढ़ें- LBSNAA अंग्रेजों का होटल कैसे बना IAS-IPS की पाठशाला? 2 बार अचानक हो गया था तबाह

यह भी पढ़ें- CISF जवानों के बच्चों को IAS-IPS बनाएगी दृष्टि आईएएस, विकास दिव्यकीर्ति के साथ हुआ MoU

यह भी पढ़ें-  Amazon इंजीनियर ₹46 लाख का पैकेज छोड़ बना इंड‍ियन आर्मी अफसर, 7 बार फेल होकर भी नहीं मानी हार






Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button