
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर से सटे रेहड़धार क्षेत्र में पिछले एक महीने से दहशत का कारण बने तेंदुए को आखिरकार वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया है. शुक्रवार (28 अगस्त) सुबह विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद मिला, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली. जानकारी के अनुसार, बीते एक माह के दौरान यह तेंदुआ क्षेत्र में 67 भेड़ों, एक बकरी और एक कुत्ते को अपना शिकार बना चुका था. लगातार हो रहे हमलों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल भी बना हुआ था.
रेंज ऑफिसर और डिप्टी रेंजर के नेतृत्व में विशेष टीम हुई गठित
डीसीएफ मंडी संजीव शर्मा के निर्देश पर रेंज ऑफिसर अजय चंदेल ने डिप्टी रेंजर चिंता देवी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की थी. टीम में फॉरेस्ट गार्ड हेम राज, जीवन सिंह, नीलमा देवी, पूजा ठाकुर सहित अन्य वन कर्मी और वन मित्र शामिल थे. स्थानीय लोगों ने भी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया.
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में दो पिंजरे और चार सीसीटीवी कैमरे लगाए थे. कैमरों की मदद से तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. निगरानी के दौरान पता चला कि तेंदुआ त्रहु नाला क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहता है. इसके बाद विभाग ने रणनीति बनाकर दो अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे लगाए और उनमें चारे के रूप में दो भेड़ें रखीं.
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तेंदुए के पकड़े जाने चिकित्सीय जांच के लिए सेंटर भेजा गया कांगू रेस्क्यू
शुक्रवार सुबह जब विभागीय टीम मौके पर पहुंची तो तेंदुआ पिंजरे में फंसा हुआ मिला. इसके बाद उसे सुरक्षित कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई. डीसीएफ मंडी संजीव शर्मा ने तेंदुए के पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि उसे चिकित्सीय जांच के लिए कांगू रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है. मेडिकल परीक्षण के बाद वन विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा.
तेंदुए के पकड़े जाने पर रेहड़धार और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने वन विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया है. क्षेत्रवासियों का कहना है कि पिछले एक महीने से वे लगातार डर के साये में जी रहे थे और अब उन्हें बड़ी राहत मिली है.
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