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विदेश मंत्रालय के 478 फर्जी ID कार्ड, लखनऊ के होटल में हंगामा करने वाले युवक कौन? | 478 fake MEA ID cards; who are youths who created a ruckus at Lucknow hotel



लखनऊ:

लखनऊ के गोमतीनगर पुलिस ने होटल में घुसकर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नाम से बने 478 फर्जी ID कार्ड, तीन फर्जी आधार कार्ड समेत बड़ी संख्या में दस्तावेज और बैंकिंग कार्ड बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिनव सिंह (29) निवासी मेरठ और शिवम चौहान (29) निवासी वाराणसी के रूप में हुई है.

होटल में घुसकर की थी अभद्रता

पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त को होटल क्रिस्टेलिया, विकासखंड-3 गोमतीनगर निवासी कुमार सर्वोत्तम पाठक ने शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि कुछ लोग होटल में घुस आए और उनके साथ गाली-गलौज करने के साथ जान से मारने की धमकी दी. शिकायत में वादी का गला पकड़ने और दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया गया था.

मामले में गोमतीनगर थाने में मुकदमा ने दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. विवेचना के दौरान साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की.

478 फर्जी ID कार्ड मिलने से पुलिस भी हैरान

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नाम से 478 फर्जी ID कार्ड बरामद किए. इसके अलावा तीन फर्जी आधार कार्ड, एक विदेशी ID कार्ड और विदेश मंत्रालय का एक अन्य ID कार्ड भी मिला. पुलिस ने 14 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, एक चेक और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं.

फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में विदेश मंत्रालय के नाम से फर्जी ID कार्ड क्यों बनाए गए थे और इनका इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जाना था. आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है.

पुलिस के मुताबिक मामले में धारा 115(2), 127(2), 319(2), 333, 352, 351(3), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) BNS के तहत कार्रवाई की जा रही है. दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा.

मामले में एडिशनल इंस्पेक्टर बीके सिंह ने कहा कि वाराणसी के रहने वाले शिवम चौहान और मेरठ के रहने वाले अभिनव सिंह को गिरफ्तार किया गया है. उनके पास से विदेश मंत्रालय का 400 से ज्यादा विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए. पूछताछ में आरोपियों ने बताया शिवम नोएडा में सीसीटीवी इंस्टॉल करने का काम करता है, वही अभिनव साइबर सिक्योरिटी में काम करता है. दोनों ने साथ में पढ़ाई की है.

शिवम की एक क्लब में तुर्कमेनिस्तान की एक युवती से दोस्ती हो गई थी. दोनों में बातचीत हुई और मिलना-जुलना होने लगा. इस दौरान उस युवती ने बताया उसकी हैंडलर ने उसका पासपोर्ट वीजा अपने पास रख लिया है. अब अपने घर जाना चाहती है, लेकिन नहीं जा पा रही है. इस दौरान उसने सूचना दी कि लखनऊ के क्रिस्टालाइन होटल में रुकी हुई है. उसकी मदद करने के लिए शिवम और अभिनव ने विदेश मंत्रालय का अधिकारी बनकर छापा मारा.

विदेश मंत्रालय में काम करने से आइडिया मिला

शिवम ने विदेश मंत्रालय में सीसीटीवी से संबंधी काम किया था. जहां उसने लोगों के पदों के नाम देखे थे. इसके बाद अभिनव का सेक्शन ऑफिसर विदेश मंत्रालय का विजिटिंग कार्ड बनवाया. जिसको इन लोगों ने कार्ड होल्डर में रखकर आईडी कार्ड बना दिया. इसके बाद उस युवती की सूचना पर लखनऊ पहुंचे और होटल में उस महिला को पकड़ने पहुंचे. पकड़ने के बाद उस वीजा और पासपोर्ट लेकर अपनी महिला मित्र को देने का प्लान था लेकिन हंगामा होने पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया.

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