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Hariyali Teej 2026: शादी के बाद है पहली हरियाली तीज? ज्योतिषाचार्य से जानें तीज का व्रत कैसे रखा जाता है, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त | Hariyali Teej 2026 Date Vrat niyam Puja Vidhi shubh muhurat



कल यानी 15 अगस्त, शनिवार को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा. सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ने वाला यह त्योहार खास तौर पर सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए उपवास रखती हैं. वहीं, कुंवारी लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रख सकती हैं. अब, अगर आप पहली बार ये व्रत रखने वाली हैं, तो आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं हरियाली तीज व्रत के नियम, साथ ही जानेंगे इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा-  

कैसे रखें हरियाली तीज का व्रत?

ज्योतिषाचार्य बताते हैं, व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें. कई महिलाएं हरियाली तीज पर निर्जला व्रत रखती हैं. लेकिन अगर आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, तो आप फलाहार कर उपवास कर सकती हैं. तीज के दिन हाथों में मेहंदी लगाना और हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इस दिन सोलह शृंगार करने की भी परंपरा है. 

हरियाली तीज की पूजा विधि

  • शाम के समय 16 श्रृंगार करके घर के ईशान कोण में एक चौकी रखें और उस पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. 
  • चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें. 
  • सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान कर पूजा सफल होने की प्रार्थना करें. इसके बाद शिव-पार्वती को फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. 
  • भगवान शिव को बेलपत्र और जल चढ़ाएं. माता पार्वती को शृंगार की सामग्री अर्पित करें. 
  • इसके बाद हरियाली तीज की कथा सुनें या पढ़ें और अंत में आरती करें. 
  • पूजा के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें.

हरियाली तीज पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज की तृतीया तिथि 14 अगस्त, शुक्रवार शाम 6 बजकर 46 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 15 अगस्त, शनिवार की शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा. पूजा के लिए 15 अगस्त को सूर्योदय से सुबह 9 बजकर 8 मिनट तक का समय सबसे उत्तम रहेगा. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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