

नई दिल्ली:
बड़े पर्दे पर अक्सर बड़े सपनों, शानदार जिंदगी और ग्लैमर की कहानियां देखने को मिलती हैं, लेकिन शहरों की चमक-दमक के पीछे ऐसी भी कई जिंदगियां हैं जो हर दिन बेहद मुश्किल हालात में गुजर-बसर करती हैं. कूड़े के ढेरों के बीच अपने परिवार का पेट पालने वाले लोग इन्हीं अनदेखी जिंदगियों का हिस्सा हैं. अब फिल्ममेकर प्रसेनजीत चक्रवर्ती अपनी फिल्म ‘चिंदी पकड़’ के जरिए इसी दुनिया को दर्शकों के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं.
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर अभिनेता और लेखक मकरंद देशपांडे, अभिनेता राकेश बेदी समेत फिल्म से जुड़े कई कलाकार और सिनेमा जगत के लोग मौजूद रहे. इस दौरान फिल्म की कहानी और उसके विषय ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा. ‘चिंदी पकड़’ का ट्रेलर एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहां जिंदगी का हर दिन संघर्ष से भरा है और दो वक्त की रोटी के लिए लोगों को कूड़े के ढेरों में अपना भविष्य तलाशना पड़ता है.
फिल्म की कहानी कचरा बीनने वाले लोगों की जिंदगी पर आधारित है. शहर के बड़े-बड़े डंपिंग ग्राउंड, गंदगी और मुश्किल परिस्थितियों के बीच रहने वाले इन लोगों की परेशानियों को फिल्म बिना किसी ज्यादा दिखावट के सामने रखती है. ट्रेलर में गरीबी, नशे की समस्या, शोषण और रोजमर्रा की जिंदगी में सम्मान के लिए होने वाली लड़ाई दिखाई देती है. फिल्म की खास बात यह है कि यह इन समस्याओं के पीछे छिपे इंसानी दर्द को समझने का मौका देती है.
ट्रेलर बताता है कि फिल्म सिर्फ कूड़ा बीनने वाले लोगों की कहानी नहीं है, बल्कि उनके सपनों, परिवार, मजबूरियों और सम्मान के लिए जारी संघर्ष की कहानी है. इसमें नजर आने वाले किरदारों की जिंदगी चुनौतियों से भरी हुई है. फिल्म का लेखन और निर्देशन प्रसेनजीत चक्रवर्ती ने किया है. फिल्म में चित्राली दास, राजकुमार द्विवेदी, मनोज करोटिया और देबरंजन नाग प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे. ट्रेलर में कलाकारों का अभिनय काफी सहज और वास्तविक दिखाई देता है.
यह भी पढ़ें: टॉक्सिक के ट्रेलर में यश का न्यूड सीन देख फैन्स को याद आए ‘एनिमल’ वाले रणबीर, लोग बोले- छप गई सस्ती कॉपी
‘चिंदी पकड़’ की खास बात यह भी है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है. फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 78वें कान फिल्म फेस्टिवल के मार्चे डू फिल्म में हुआ था. इस मौके पर दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी और मकरंद देशपांडे ने फिल्म का आधिकारिक पोस्टर लॉन्च किया था. इसके बाद फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों का सफर जारी रखा और बैंकॉक मूवी अवॉर्ड्स समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे सराहना और पहचान मिली.





