

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दिल्ली में FCC साउथ एशिया कार्यक्रम में वर्चुअल तौर से पहली बार सामने आईं. शेख हसीना ने कहा,”मैं एक ऐसे शख्स के तौर पर बोल रही हूं जिसने अपनी जिंदगी बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताई है और मुझे मेरे देश से दूर कर दिया गया, लेकिन मैं अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुई.”
बांग्लादेश की पीएम पद से अपदस्थ होने के दो साल बाद पहली बार शेख हसीना सार्वजनिक तौर से सामने आई हैं. शेख हसीना बीते दो साल से भारत में रह रहीं हैं..
शेख हसीना वर्चुअल तरीके जुड़ी थी, लेकिन उनकी सिर्फ आवाज सुनी जा सकती है. उन्होंने कैमरा ऑफ अपनी बात रखी है. उन्होंने लिखा, “पिछले दो सालों से मैंने अपने प्यारे बांग्लादेश को पीड़ित होते देखा है. यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था, यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था.”
शेख हसीना ने कहा, “मैं जुलाई और अगस्त 2024 के बारे (हिंसा) में सच्चाई से अपनी बात रखती हूं. यह कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था. मेरी सरकार ने शुरू से ही बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के माध्यम से इस मुद्दे को शांतिपूर्वक हल करने का प्रयास किया. लेकिन सुधार की भाषा के पीछे संगठित समूह छात्रों की मांग को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम कर रहे थे.”





