मध्य प्रदेश

आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी मन का पुनर्जागरण

Adesh Sharma @Gwalior

आत्मनिर्भरता एक सकारात्मक गुण है, जिस व्यक्ति में यह गुण होता हैं, वह अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने में सक्षम होने के साथ कुछ महत्वपूर्ण गुणों, आत्मविश्वास साहस और नेतृत्व करने जैसे गुणो को भी विकसित कर लेता है। आत्मविश्वास ऐसा गुण है जिस व्यक्ति में यह गुण होता है वह किसी भी स्थिति में सफल होने के साथ किसी भी मुकाम पर अपने को पहुंचाने मे स्वयं सक्षम होता है, स्थापित कर सकता है आत्मविश्वासी व्यक्ति के व्यक्तित्व में जीवन में आने वाली समस्याओं का सामना करने की एक अद्भुत क्षमता विकसित हो जाती है, और इस क्षमता के माध्यम से वह उनका सकारात्मक निराकरण कर उन समस्याओं का समाधान भी खोज लेने में सक्षम होता हैं!
ऐसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व में लचीलापन होता है वह परिस्थितियों की अनुकूलता के हिसाब से अपने में परिवर्तन कर सफलता का रास्ता निकालने में सक्षम होते हैं उनमें कुछ कर गुजरने की ललक होने के साथ-साथ उनमें अपने विचारों को ओर अपने कार्यों को स्वतंत्रता से स्वयं के बलबूते पूरे करने का एक प्रमुख गुण भी विकसित हो जाता है, उनमें अद्भुत नेतृत्व क्षमता विकसित होती है वह आत्मसम्मान के लिए कुछ भी करने के लिए तत्पर रहते हैं|बीते दशक में भारत ने आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के साथ दुनिया के देशों में एक नई पहचान बनाई है, देश को आर्थिक रूप से सशक्त समृद्ध मजबूती प्रदान करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक में आत्मनिर्भरता के गुण को बढ़ाने के लिए पुनर्जागरण की आवश्यकता है, पूरे देश में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के पुनर्जागरण के लिए स्वावलंबी भारत स्वदेशी जागरण मंच महत्वपूर्ण काम कर रहा है।
इसे और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मा. मोहन यादव जी सहित देश के भिन्न भिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले उन संस्थानों के प्रमुख इस पुनर्जागरण में महत्वपूर्भूमिका निभाने के साथ देश के युवाओं और नागरिकों को नई दिशा और नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं ।
आत्मनिर्भर भारत अभियान 2020 ने चिकित्सा के क्षेत्र में दुनिया के देशों को हमारे प्रति अपना सोच बदलने के लिए मजबूर कर किया, कोविड-19 की महामारी के समय में दुनिया के लगभग सभी देश इस महामारी की चपेट में थे, उस समय भारत ने चिकित्सा के क्षेत्र में कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण कर दुनिया के देशों के आगे एक नई मिसाल स्थापित की साथ ही भारत ने 2 अरब से अधिक कोविड 19 टीकाकरण की खुराकें दी और दुनिया में अपने को दूसरे स्थान पर चिकित्सा के क्षेत्र में स्थापित कर लिया भारत ने दुनिया के 95 देश को कोविड टीके कोविशील्ड वैक्सीन की लगभग 66.3 मिलियन खुराक की आपूर्ति की इनमें से 10.7 मिलियन खुराक भारत सरकार द्वारा 47 देश को उपहार में दी गई ऐसा कर भारत ने चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी आत्मनिर्भरता से दुनिया के देशों को अवगत भी कर दिया कि हम किसी भी विषम परिस्थिति, बीमारी और अन्य आने वाले संकटों से जूझने में समर्थ और सक्षम हैं |
कोरोना काल के कठिन समय में भारत ने (पी.पी.ई. किट) पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का निर्माण करने वाली 600 से अधिक कंपनियों को मान्यता दी जिन्होंने करोड़ की संख्या में इन किटो का निर्माण किया इन किटो ने सुरक्षा कवच के रूप में काम किया इस किट मे हेलमेट ,सुरक्षा चश्मा ,दस्ताने, सुरक्षा जूते, मास्क और गाउन जिससे शरीर ढककर कोरोना से लड़ा जा सकता और कोरोना का उपचार किया जा सकता यह किट दुनिया के देशों को मुहैया कराकर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी आत्मनिर्भरता से दुनिया के देशों को अवगत करा दिया।
कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भारत सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, उसी का परिणाम है, कि हम एक वर्ष में तीन-तीन फसले उत्पाद कर पा रहे हैं,भारत दुनिया के 150 से अधिक देशों को चावल निर्यात करता है, भारत दुनिया के कुल चावल उत्पाद का 20% चावल उत्पादन करता है, चावल उत्पादन मे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश होने के साथ दुनिया के 150 से अधिक देशों को चावल निर्यात करता है, मस्टर्ड ऑयल उत्पादन दृष्टि से भारत दुनिया का तीसरे सबसे बड़ा देश होने के साथ 80 लाख मीट्रिक टन तेल प्रतिवर्ष उत्पादित कर विश्व के कुल उत्पादन का 11% सरसों का तेल उत्पादन करने वाला प्रमुख देश है बासमती और अन्य चावल और मस्टर्ड ऑइल भारत द्वारा अमेरिका सऊदी बांग्लादेश ईरान अमीरात इराक श्रीलंका फिलीपींस और पड़ोसी पाकिस्तान को भी निर्यात किया जाता है। हमारे देश से अंगूर ,अनार तरबूज सीताफल ,केले, मिर्च नींबू ,अदरक जैसी चीजे दुनिया के अन्य देशों को निर्यात की जाती हैं,कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दृष्टिगत रख बागवानी, पशुपालन ,और खाद्य संरक्षण हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाएं कारगर साबित हो रही है, उन्हीं का परिणाम है, हम कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में मजबूती से दुनिया के आगे खडे हैं|

राष्ट्र रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में हमारा देश आत्मनिर्भरता की ओर बहुत तेजी से बढ़ रहा है, हमारे देश की स्वदेशी कंपनी भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा आकाश मिसाइल निर्मित की है, जो 25 किलोमीटर रेंज तक हवा में मार करने वाली होने के साथ 90% सटीक ठिकानों पर मार करने में सक्षम होने के साथ 3000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रखने के साथ 18 किलोमीटर ऊंचाई तक मार कर सकती है, ऐसी ही एक मिसाइलें पृथ्वी द्वितीय और अग्नि पी भारत द्वारा विकसित परमाणु सक्षम मध्यम दूरी कि बेलास्टिक मिसाइल है।
अग्नि की मारक क्षमता 7000 किलोमीटर( 4300 मील )से अधिक है ब्रह्मोस मिसाइल भारत रूस की तकनीकी सहायता से भारतीय रक्षा अनुसंधान के संयुक्त प्रयासों से बनाई जा रही है, जिससे भूमि पर हमला करने, हवाई हमले ,जहाज रोधी के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
अभी हाल ही में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान ड्रोनो से जो हमला किया था उन ड्रोनो को नेस्तनाबूत करने में ब्रह्मोस मिसाइल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पाकिस्तान के ड्रोन हमले को पूरी तरह से असफल करने के साथ सभी ड्रोनों को नष्ट कर दिया कुछ समय बाद भारत पूर्ण रूप से यह मिसाइल है बिना किसी विदेशी तकनीकी सहायता के अपने देश में ही बनाने में सक्षम हो जाएगा। सुरक्षा रक्षा के क्षेत्र में भारत की सबसे ताकतवर असाल्ट राइफल ए.के. – 203 अपने मित्र राष्ट्र रूस की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के बाद इस रायफल का उत्पादन भारत में बहुत तेजी से हो रहा है यह रायफल निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से अमेठी के कोरबा में बनाई जा रही है, और भारतीय सेना को अब तक 48000 हजार राइफल्स मिल चुकी है।
कोरबा की फैक्ट्री में हर महीने 12000 हजार राइफल्स तैयार हो रही हैं, वर्ष 2030 तक इसका लक्ष्य 600000 लाख से अधिक राइफल्स बनाने का लक्ष्य है। जो भारतीय सेना को प्रदान की जाएंगी दिसंबर 2025 तक इस राइफल का 100% स्वदेशीकरण हो जाएगा। और इसके उपयोग में आने वाला कोई भी पुर्जा किसी दूसरे देश से नहीं मंगाया जाएगा।
हमारा देश यह राइफल्स भारत के लिए नहीं बल्कि दुनिया के लिए बना रहा है।
इस रायफल की एक मिनट में 700 राउंड फायर करने की क्षमता होने के साथ इसकी रेंज 800 मीटर है। यह राइफल स्वदेशी होने के साथ सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी प्रदान कर रही है दुनिया के कई देश इस रायफल को हमसे खरीदने के लिए आगे बढ़कर मांग कर रहे हैं इस रायफल का नाम होगा, शेर जो हमारे देश पर हमला करने वाले आँखें तरेरने वाले आतंकवादी गतविधियों में लिप्त और आतंकवादियों को नेस्तनाबूत करने के साथ दुश्मनों को ढेर करने में अहम भूमिका निभाएगी|
हमारा देश अभी कुछ विशेष क्षेत्रों में कृषि, चिकित्सा और राष्ट्ररक्षा सहित अन्य कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है हमें अपने देश को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक में आत्मनिर्भरता के गुणों को विकसित करने के साथ पुनर्जागरण अभियान चलाना होगा हमारा राष्ट्र जब जब संकट में आया वह चाहे वह 17वी 18 शताब्दी हो इस समय में आर्यभट्ट बारह मिहिर भास्कराचार्य नागार्जुन सुश्रुत जैसे महान व्यक्तियों ने सामाजिक धार्मिक चेतना लाने के लिए पुनर्जागरण अभियान चलाया था 18वी और 19 वी शताब्दी में राजा राममोहन राय ने सामाजिक धार्मिक सांस्कृतिक और बौद्धिक परिवर्तन लाने के लिए पुनर्जागरण अभियान चलाया था और सामाजिक जागृति लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जिससे देश आम नागरिकों में राष्ट्रीयता का भाव जाग्रत हुआ और वह पुनर्जागरण अभियान सफल हुआ मेरा मानना है कि जिस राष्ट्र के नागरिक जितने अधिक आत्मनिर्भर होंगे वह राष्ट्र उतनी ही तेजी से विकास और उन्नति करेगा और दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने में सफल होगा आओ हम संकल्प लें जब तक भारत आत्मनिर्भर नहीं होगा तब तक हम स्वदेशी मन का भाव जगाने के लिए पुनर्जागरण अभियान को आगे बढ़ाते रहेंगे और जब तक हम अपने राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के साथ दुनिया का नेतृत्व करने के लिए सक्षम नहीं बना लेंगे तब तक इस अभियान को निरंतरता प्रदान करते रहेंगे |
आदेश शर्मा( भारद्वाज)
निज सचिव पूर्व सांसद
मा. विवेक नारायण शेजवलकर एवं विभाग विचार प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच ग्वालियर

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